भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन अब आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। नकद के बजाय स्मार्टफोन से होने वाले भुगतान में लगातार तेजी आ रही है। इसी मजबूत रुझान का असर एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) द्वारा विकसित ‘भीम (BHIM) पेमेंट्स ऐप’ के आंकड़ों में देखने को मिला है। पिछले एक साल में इस एप के जरिए होने वाले लेन-देन (ट्रांजैक्शन) की संख्या में तीन गुना से अधिक का उछाल आया है।
एक साल महीने में कितने बढ़े भीम एप के आंकड़े?
बुधवार को जारी आधिकारिक रिलीज के अनुसार, जून 2025 से लेकर मई 2026 के बीच ट्रांजैक्शन वॉल्यूम तेजी से बढ़ा है। जहां जून 2025 में इस प्लेटफॉर्म पर 7.96 करोड़ (79.64 मिलियन) लेन-देन हुए थे, वहीं मई 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 24.4 करोड़ (244 मिलियन) तक पहुंच गया। सिर्फ लेन-देन की संख्या ही नहीं, बल्कि मूल्य के आधार पर भी इस प्लेटफॉर्म ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले मई 2026 में भीम ऐप के जरिए कुल 26,952 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए हैं।
मई 2026 के व्यापारिक लेन-देन (मर्चेंट ट्रांजैक्शन) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों पर सबसे ज्यादा डिजिटल भुगतान कर रहे हैं:
- किराना: कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन का 23.9 प्रतिशत हिस्सा।
- फूड आउटलेट्स (खाने-पीने की दुकानें): 18.1 प्रतिशत हिस्सा।
- क्विक कॉमर्स: 11.6 प्रतिशत हिस्सा।
एनबीएसएल की एमडी और सीईओ ललिता नटराज के मुताबिक, तेलंगाना में भीम ऐप की मजबूत ग्रोथ यह दर्शाती है कि आम लोग अपनी रूटीन खरीदारी और रोजमर्रा की जिंदगी के लिए डिजिटल भुगतान की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।
छोटे शहरों और गांवों में कैसे बढ़ रही है इस एप की पहुंच?
भीम एप की सफलता के पीछे इसकी आसान और सुलभ तकनीक भी एक बड़ा कारण है। ललिता नटराज के अनुसार, जैसे-जैसे उपभोक्ता सुविधाजनक भुगतान के विकल्प अपना रहे हैं, कंपनी का फोकस भी ऐसे समाधान तैयार करने पर है जो सरल, निर्बाध (सीमलेस) और हर यूजर के लिए सुलभ हों।

